AI फ़ूड फ़ोटो और EU AI कानून: रेस्टोरेंट-होटल क्या करें
आपके डिजिटल मेन्यू में AI से बनी डिश फ़ोटो हैं। एक यूरोपीय नियम कहता है कि उनमें से कुछ पर लेबल चाहिए — और वह नियम भारत में बैठे कारोबार तक भी पहुँच सकता है। किन पर, क्या लिखकर, और मेन्यू बिगाड़े बिना कैसे।
आप यूरोप में नहीं हैं। तो एक यूरोपीय कानून आपके मेन्यू की तस्वीरों के बारे में क्यों बात कर रहा है?
क्योंकि यह विनियमन जानबूझकर सीमा-पार लिखा गया है। EU AI कानून सिर्फ़ यूरोप में स्थापित कंपनियों पर लागू नहीं होता — यह उन कारोबारों तक भी पहुँचता है जिनके AI सिस्टम का आउटपुट यूरोपीय संघ के भीतर इस्तेमाल होता है ।
अगर आपका रेस्टोरेंट अंजुना या पालोलेम में है, आपकी हवेली जयपुर या उदयपुर में, आपका होमस्टे वर्कला या फ़ोर्ट कोच्चि में — और आपकी वेबसाइट का सबसे अहम पाठक वह जर्मन, डच या फ़्रेंच मेहमान है जो अभी यूरोप में बैठकर अगली सर्दियों की बुकिंग सोच रहा है — तो आपकी AI से बनी डिश और प्रॉपर्टी फ़ोटो EU के भीतर इस्तेमाल हो रही हैं।
2 अगस्त 2026 से इसका एक ठोस नतीजा है: उन तस्वीरों में से कुछ पर अब एक दिखने वाला लेबल चाहिए।
यह लेख उसका व्यावहारिक संस्करण है — कौन-सी इमेज असल में प्रभावित हैं, लेबल में क्या लिखना है, और इसे ऐसे कैसे जोड़ें कि खाना प्रयोगशाला का नमूना न लगने लगे।
नोट: यह व्यावहारिक मार्गदर्शन है, कानूनी सलाह नहीं । अपने कारोबार पर बाध्यकारी राय के लिए किसी योग्य वकील से बात करें।
यह लेख केवल यूरोपीय नियम पर है। भारत AI को लेकर अपना ढाँचा अलग से विकसित कर रहा है; उसका विवरण यहाँ नहीं है और नीचे लिखी बातों को भारतीय नियमों का वर्णन न समझें।
TL;DR — व्यस्त ऑपरेटर के लिए
2 अगस्त 2026से EU AI कानून का अनुच्छेद 50कारोबारों से यह अपेक्षा करता है कि वे यथार्थवादी दिखने वाली AI जनित दृश्य सामग्री को ज़ाहिर करें।
यह भारत में बैठे कारोबार पर भी लागू हो सकता है— अगर आपका आउटपुट यूरोपीय मेहमानों तक पहुँचता है। पता कसौटी नहीं है; आउटपुट कहाँ इस्तेमाल हो रहा है, यह कसौटी है।
Photorealistic AI डिश फ़ोटो पर लगभग निश्चित रूप से लेबल चाहिए। साफ़ तौर पर illustrated या stylised ग्राफ़िक पर लगभग निश्चित रूप से नहीं।
लेबल मेहमान को वहीं दिखना चाहिए जहाँ इमेज है— वेबसाइट के footer में दबा हुआ नहीं।
आपको कोई watermark नहीं लगाना है। वह AI टूल बनाने वाले का काम है, आपका नहीं।
एक छोटा, सलीक़े से लगा "AI जनित" caption भूख नहीं मारता — छिपाना और पकड़े जाना मारता है।
एक सामान्य रेस्टोरेंट के लिए इसमें लगभग20 मिनट लगते हैं।
छोटा जवाब
अगर आपने AI से खाने की तस्वीर बनाई है और वह ऐसी लगती है जैसे किसी कैमरे ने खींची हो — तो लोगों को साफ़ बता दीजिए कि यह AI जनित है, हर उस जगह जहाँ वह दिखती है।
पूरा दायित्व एक वाक्य में यही है। नीचे का सब कुछ किनारे के मामलों का ब्योरा है।
"हम तो भारत में हैं" — यह बात यहीं ख़त्म क्यों नहीं होती
यह हर ऑपरेटर की पहली प्रतिक्रिया है और वाजिब है। लेकिन सोचिए कि आपकी तस्वीरें असल में कब सबसे ज़्यादा काम करती हैं।
मेहमान गोवा पहुँचकर आपकी वेबसाइट नहीं खोलता। वह म्यूनिख में, दिसंबर की एक शाम को खोलता है, जब वह तय कर रहा है कि दो हफ़्ते कहाँ बिताने हैं। वह आपकी थाली की तस्वीर देखता है, आपके आँगन की तस्वीर देखता है, और बुक कर देता है। उस पूरे पल में AI का आउटपुट यूरोपीय संघ के भीतर, एक यूरोपीय उपभोक्ता द्वारा, एक व्यावसायिक फ़ैसले के लिए इस्तेमाल हो रहा है।
यही वजह है कि पर्यटन पर टिका भारतीय हॉस्पिटैलिटी कारोबार — गोवा के बीच शैक और कैफ़े, राजस्थान की हेरिटेज हवेलियाँ, केरल के बैकवाटर रिज़ॉर्ट और आयुर्वेद रिट्रीट, ऋषिकेश और धर्मशाला के कैफ़े — इस बातचीत में शामिल है, भले ही उसका कोई भी हिस्सा यूरोप में न हो।
और अगर आप कोई agency या web-design फ़र्म हैं जो ऐसे रेस्टोरेंट और होटलों की साइट बनाती है, तो यह आपकी भी बात है। पूरा ढाँचा — कौन प्रदाता है, कौन डिप्लॉयर, और एजेंसी-क्लाइंट के बीच लेबल किसका काम है — हमारी AI जनित छवियों को लेबल करने वाली मुख्य गाइड में विस्तार से है।
कब आप शायद इससे बाहर हैं
अगर आपका ढाबा या रेस्टोरेंट पूरी तरह स्थानीय ग्राहकों पर चलता है, कोई अंतरराष्ट्रीय बुकिंग नहीं आती और साइट सिर्फ़ आसपास के लोगों के लिए है — तो व्यावहारिक जोखिम कम है। फिर भी लेबल लगाना अपने मेहमानों के साथ ईमानदारी की अच्छी आदत है, और आगे चलकर काम आएगी।
रेस्टोरेंट AI इमेज कहाँ इस्तेमाल करते हैं — और कौन-सी कवर होती हैं
हम जिन ऑपरेटरों के साथ काम करते हैं, वे ज़्यादातर चार जगहों पर AI इमेजरी लगाते हैं। सब पर असर बराबर नहीं है।
डिजिटल मेन्यू पर AI डिश फ़ोटो
आम तौर पर कवर। यही मुख्य मामला है। बर्गर, बटर चिकन, थाली या कॉकटेल की photorealistic तस्वीर एक "यथार्थवादी रूप से संभाव्य वस्तु" दिखाती है, और मेन्यू स्क्रॉल करता मेहमान वाजिब तौर पर मानेगा कि किसी ने कैमरे से खींची है। परिभाषा यहीं पूरी होती है।
और यहीं यह सबसे ज़्यादा मायने भी रखता है — यही वह तस्वीर है जिसे देखकर कोई तय करता है कि क्या ऑर्डर करना है और कितना देना है।
वेबसाइट के hero और gallery images
आम तौर पर कवर, और अक्सर नज़रअंदाज़।"आपके" डाइनिंग एरिया, छत, आँगन या किचन की AI से बनी तस्वीरें सबसे जोखिम भरी श्रेणी हैं, क्योंकि ये एक जगह दिखाती हैं जिसमें मेहमान को लगता है कि वह अगले महीने चलकर जाएगा। अगर AI से बना इंटीरियर आपकी असली प्रॉपर्टी जैसा नहीं है, तो AI कानून से अलग एक उपभोक्ता-अपेक्षा की समस्या भी खड़ी हो जाती है — और वही आपकी रेटिंग गिराती है।
सोशल पोस्ट और paid ads
आम तौर पर कवर। वही टेस्ट लगता है। बड़े प्लेटफ़ॉर्म पर अब AI-content declaration की अपनी सेटिंग भी है — उसे इस्तेमाल कीजिए। और ध्यान रहे: आपकी वेबसाइट में लगा लेबल उस फ़ाइल के साथ नहीं जाता जिसे आपने कहीं और दोबारा अपलोड किया है। हर प्लेटफ़ॉर्म पर अलग से घोषित कीजिए।
डिलीवरी और बुकिंग प्लेटफ़ॉर्म की लिस्टिंग
आम तौर पर कवर — और प्लेटफ़ॉर्म के अपने नियम भी देखिए। Swiggy, Zomato, Uber Eats, Booking.com, Airbnb, TripAdvisor — सबकी इमेज की सटीकता को लेकर अपनी कंटेंट पॉलिसी है, जो कानूनी शर्त के ऊपर लागू होती है। और थाली की जो तस्वीर बैग से निकले खाने से मेल नहीं खाती, वह कानून से अलग भी refund और ख़राब रेटिंग लाती है।
आम तौर पर क्या कवर नहीं होता
Illustrated या stylised मेन्यू आर्टवर्क— हाथ से बने जैसे दिखने वाले ग्राफ़िक्स, flat vector illustrations, स्पष्ट कार्टून। इन्हें कोई फ़ोटो नहीं समझता।
AI से बने pattern, texture और background, जिनमें कोई यथार्थवादी विषय नहीं है।
असली फ़ोटोग्राफ़ी जिसे आपने सामान्य ढंग से एडिट किया। अपनी असली डिश की असली तस्वीर को crop करना, brightness बढ़ाना या colour grade करना उसे AI जनित नहीं बना देता। Generative fill से थाली में ऐसा खाना जोड़ देना जो कभी था ही नहीं — यह अलग बात है।
क्या बर्गर की तस्वीर सचमुच "deepfake" है?
यहीं ज़्यादातर ऑपरेटर अटकते हैं, क्योंकि "deepfake" शब्द लंच मेन्यू से ज़्यादा चुनावी घोटाले की कहानी में फिट लगता है।
AI कानून में यह शब्द रोज़मर्रा के इस्तेमाल से कहीं ज़्यादा व्यापक है। यह उस AI जनित या AI से परिवर्तित इमेज सामग्री को कवर करता है जो मौजूदा या यथार्थवादी रूप से संभाव्य व्यक्तियों, वस्तुओं, स्थानों, संस्थाओं या घटनाओं से मिलती-जुलती हो और जो ग़लत ढंग से प्रामाणिक प्रतीत हो सकती हो ।
दो नतीजे लोगों को चौंकाते हैं:
गुमराह करने की मंशा ज़रूरी नहीं है। बदनीयती की कोई शर्त नहीं है। आपके सिग्नेचर बिरयानी की एक सुंदर AI तस्वीर, जो सिर्फ़ इसलिए बनी क्योंकि फ़ोटोशूट का बजट नहीं था, तब भी परिभाषा में आ सकती है।
यह सिर्फ़ लोगों के बारे में नहीं है। वस्तुएँ और स्थान भी गिने जाते हैं — और ठीक इसीलिए खाने और इंटीरियर की इमेजरी दायरे में आती है।
सादे शब्दों में टेस्ट
क्या मेहमान इस तस्वीर पर नज़र डालकर मान लेगा कि इसे किसी ने कैमरे से खींचा है?
हाँ → कवर मानिए। लेबल लगाइए।
नहीं, यह साफ़ तौर पर बनाई हुई, rendered या असंभव है → बहुत संभावना है कि कवर नहीं है।
स्पष्ट रूप से काल्पनिक या भौतिक रूप से असंभव सामग्री परिभाषा से बाहर बैठती है। पास्ता की photorealistic प्लेट काल्पनिक नहीं है। पिज़्ज़ा थामे ड्रैगन है।
ज़्यादातर रेस्टोरेंट कहाँ खड़े होते हैं
अगर आपने AI का इस्तेमाल मेन्यू फ़ोटोग्राफ़ी के ख़ाली हिस्से भरने के लिए किया है — जो कि सामान्य वजह है — तो मान लीजिए कि उनमें से ज़्यादातर पर लेबल चाहिए । अगर आपका AI इस्तेमाल सिर्फ़ सजावटी ग्राफ़िक्स और backgrounds तक है, तो शायद बहुत कम करना है।
आपको क्या करना है — और क्या नहीं
आपका काम: दिखने वाला लेबल
डिस्क्लोज़र ऐसा होना चाहिए जिसे कोई व्यक्ति बिना किसी विशेष टूल के समझ सके। व्यवहार में:
शब्द:"AI जनित" सबसे साफ़ है। "AI से बनाई गई छवि" भी ठीक है; अंग्रेज़ी मेन्यू पर "AI-generated" चलेगा। एक चुनिए, हर जगह वही रखिए।
जगह: फ़ोटो के नीचे caption, या इमेज पर एक छोटा badge।
समय: जब मेहमान इमेज देखे तभी दिखे — क्लिक, hover या स्क्रॉल के बाद नहीं।
भाषा: अगर मेन्यू कई भाषाओं में है, तो लेबल हर भाषा में चाहिए। सिर्फ़ अंग्रेज़ी में लिखा नोट उस मेहमान का काम नहीं करता जो जर्मन संस्करण पढ़ रहा है।
आपका काम नहीं: watermarking
आपने शायद पढ़ा हो कि AI इमेज को "machine-readable फ़ॉर्मैट में चिह्नित" करना होगा। यह सही है — लेकिन यह AI सिस्टम के प्रदाता (provider) का दायित्व है, यानी उस कंपनी का जिसने image generator बनाया। इमेज पब्लिश करने वाले कारोबार का नहीं।
आप चाहकर भी यह नहीं कर सकते; किसी और के मॉडल के आउटपुट में पीछे से cryptographic provenance नहीं डाली जा सकती। आपकी ज़िम्मेदारी दिखने वाला लेबल है। अगर कोई vendor आपसे कह रहा है कि आपके रेस्टोरेंट को अपनी तस्वीरों पर watermark लगाना होगा, तो उसने नियम ग़लत पढ़ा है।
इस अंतर की पूरी व्याख्या — प्रदाता (provider) बनाम डिप्लॉयर / उपयोगकर्ता व्यवसाय — हमारी EU AI कानून और AI इमेज लेबल वाली मुख्य गाइड में है। अंग्रेज़ी संस्करण यहाँ है।
ऐसे लेबल जो भूख नहीं मारते
यह हर ऑपरेटर की असली आपत्ति है और सीधे जवाब की हक़दार है:"अगर मैं खाने की तस्वीरों पर 'AI' लिख दूँ, तो क्या मेहमान सोचेंगे कि खाना नकली है?"
व्यवहार में नहीं — बशर्ते आप इसे थोड़े सलीक़े से करें। भरोसा असल में तब टूटता है जब मेहमान ख़ुद धोखा पकड़ता है, या जब तस्वीर हक़ीक़त से इतनी दूर होती है कि प्लेट आते ही निराशा होती है।
क्या काम करता है:
छोटा और शांत रखिए। इमेज के नीचे 10–11px का caption, आपके muted text रंग में। पढ़ा जा सकता है, ईमानदार है, और चिल्ला नहीं रहा।
इमेज के नीचे रखिए, ऊपर नहीं। Overlay badge खाना ढक देते हैं। Caption नहीं ढकते।
एक जैसे, तटस्थ शब्द इस्तेमाल कीजिए।"AI जनित" प्रक्रियागत लगता है। लंबे सफ़ाई भरे वाक्य अपराध-बोध जैसे लगते हैं।
सटीक रहिए, फिर लेबल की कोई क़ीमत नहीं। असली जोखिम डिस्क्लोज़र नहीं है — असली जोखिम वह तस्वीर है जो ऐसा बर्गर दिखाती है जो किचन बनाता ही नहीं। अगर आपकी AI इमेज आपकी असल डिश को ईमानदारी से दिखाती हैं, तो छोटा लेबल पेशेवर लगता है, कबूलनामा नहीं। कुछ ऑपरेटरों को यह आधुनिक भी लगता है।
Footer में मत छिपाइए। Terms में दबा हुआ "इस साइट की कुछ तस्वीरें AI जनित हैं" वाला सामान्य नोट न शर्त पूरी करता है, न ही किसी के जाँचने पर अच्छा दिखता है।
आप यही काम एलर्जन जानकारी के साथ पहले से करते हैं — एक छोटा, मानकीकृत, कानूनन ज़रूरी नोट जो खाने के बग़ल में चुपचाप बैठा रहता है और जिसने किसी की बिक्री नहीं गिराई। समानांतर उदाहरण चाहिए तो EU 1169/2011 allergen compliance guide (अंग्रेज़ी में) देखिए। यह वही अनुशासन है, तस्वीरों पर लागू।
20 मिनट का compliance sprint
एक सामान्य स्वतंत्र रेस्टोरेंट के लिए यह सचमुच एक बैठक का काम है।
मिनट 0–8: ढूँढिए। हर AI इमेज की सूची बनाइए जो आपने पब्लिश की है — डिजिटल मेन्यू, वेबसाइट, सोशल प्रोफ़ाइल, डिलीवरी और बुकिंग लिस्टिंग। उन्हें दो ढेरों में बाँटिए: "photorealistic" और "साफ़ तौर पर illustrated"। सिर्फ़ पहले ढेर पर काम करना है।
मिनट 8–12: अपना मानक तय कीजिए। शब्द चुनिए ("AI जनित"), जगह चुनिए (इमेज के नीचे caption), और स्टाइल चुनिए (छोटा, muted)। इसे लिख लीजिए ताकि अगले हफ़्ते जो पोस्ट करे वह भी यही करे।
मिनट 12–18: लागू कीजिए। हर photorealistic AI इमेज के नीचे caption डालिए। Intermenu में इसे प्रति आइटम एक बार सेट कीजिए। WordPress पर नीचे बताया plugin इस्तेमाल कीजिए। सोशल पर हर प्लेटफ़ॉर्म की AI-content declaration चालू कीजिए।
मिनट 18–20: रिकॉर्ड कीजिए। एक छोटा नोट: तारीख़, आपका नियम, किसने किया। किसी शेयर्ड डॉक में दस पंक्तियाँ काफ़ी हैं, और यही "हमने सोचा ही नहीं था" को "यह रही हमारी प्रक्रिया" में बदल देती हैं।
फिर इसे आदत बनाइए: जब भी AI इमेज बनाएँ, पब्लिश करते समय ही लेबल लगा दीजिए। सफ़ाई सिर्फ़ एक बार तकलीफ़देह होती है।
Intermenu आपके मेन्यू पर इसे कैसे संभालता है
अगर आपका मेन्यू Intermenu पर चलता है, तो डिस्क्लोज़र डिश के साथ ही रहता है। आप आइटम पर AI नोट एक बार सेट करते हैं, और वह हर उस जगह दिखता है जहाँ वह आइटम आता है —आपके मेन्यू की हर अनुवादित भाषा में भी ।
यह आख़िरी बात भारत के पर्यटन-केंद्रित रेस्टोरेंट और होटलों के लिए ख़ास तौर पर मायने रखती है: सिर्फ़ अंग्रेज़ी में मौजूद डिस्क्लोज़र उस मेहमान के काम नहीं आता जो मेन्यू जर्मन, फ़्रेंच या डच में पढ़ रहा है। चूँकि Intermenu मेन्यू का अनुवाद करता है, नोट अनुवाद के साथ चलता है।
WordPress पर हैं? हमारा मुफ़्त plugin लीजिए
भारत की ज़्यादातर रेस्टोरेंट और होटल वेबसाइटें WordPress पर चलती हैं, और media library को हाथ से लेबल करना वही हिस्सा है जिसे हर कोई अधूरा छोड़ देता है।
हमने KI-Transparenz-EU ठीक इसी के लिए बनाया: media library में अपनी AI इमेज और वीडियो चुनिए, एक क्लिक कीजिए, और डिस्क्लोज़र पूरी साइट पर सार्वजनिक रूप से लग जाता है। यह मुफ़्त है।
Plugin स्थिति — 7 अगस्त 2026 को अपडेटेड। v1.0 पूरा है और आज ही मुफ़्त डाउनलोड के लिए उपलब्ध है। हमने इसे आधिकारिक WordPress.org directory में भी सबमिट किया है; समीक्षा में आम तौर पर कुछ हफ़्ते लगते हैं और मंज़ूरी वाले दिन हम यह पेज अपडेट कर देंगे।
मुफ़्त डाउनलोड कीजिए → · GitHub पर सोर्स
मंज़ूरी मिलते ही हम इस लेख में आधिकारिक लिंक जोड़ देंगे — आप WordPress.org डेवलपर प्रोफ़ाइल भी फ़ॉलो कर सकते हैं।
साफ़ बात: यह दिखने वाला डिस्क्लोज़र पैमाने पर लगाता है। यह आपके लिए इमेज का वर्गीकरण नहीं करता, और कोई plugin किसी कारोबार को "compliant" नहीं बना सकता— वह एक प्रक्रिया है। यह उसका उबाऊ यांत्रिक हिस्सा अच्छे से संभाल देता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
हमारा रेस्टोरेंट भारत में है। क्या यह यूरोपीय नियम हम पर लागू होता है? हो सकता है। यह विनियमन EU के बाहर स्थापित कारोबारों तक भी पहुँचता है जब AI सिस्टम का आउटपुट संघ के भीतर इस्तेमाल होता है। अगर यूरोपीय मेहमान यूरोप में बैठकर आपकी साइट या लिस्टिंग देखकर बुकिंग करते हैं, तो आपकी AI तस्वीरें वहाँ इस्तेमाल हो रही हैं। पूरी तरह स्थानीय ग्राहकों पर चलने वाले कारोबार का व्यावहारिक जोखिम कम है।
क्या रेस्टोरेंट को AI जनित फ़ूड फ़ोटो पर लेबल लगाना होगा? अगर फ़ोटो photorealistic है — यानी ऐसी जिसे मेहमान कैमरे से खींची हुई मानेगा — तो हाँ। 2 अगस्त 2026 से, यथार्थवादी रूप से संभाव्य वस्तुओं, स्थानों या व्यक्तियों जैसी दिखने वाली AI जनित दृश्य सामग्री पब्लिश करने वाले कारोबारों को उसे स्पष्ट रूप से ज़ाहिर करना होगा। साफ़ तौर पर illustrated या stylised मेन्यू आर्टवर्क आम तौर पर इससे बाहर रहता है।
क्या यह डिलीवरी और बुकिंग प्लेटफ़ॉर्म की तस्वीरों पर भी लागू है? हाँ, और प्लेटफ़ॉर्म की अपनी image-accuracy पॉलिसी उसके ऊपर से लागू होती है। जहाँ भी अपलोड करें, वहीं AI इमेज घोषित कीजिए; आपकी वेबसाइट का लेबल दोबारा अपलोड की गई फ़ाइल के साथ नहीं जाता।
क्या "AI जनित" लेबल से ऑर्डर घटेंगे? इसका कोई ठोस प्रमाण नहीं है कि एक छोटा, तटस्थ caption ऑर्डर घटाता है — और बिना बताई गई AI फ़ोटो पकड़े जाने से होने वाला प्रतिष्ठा का नुक़सान कहीं बड़ा है। लेबल छोटा रखिए, इमेज के नीचे रखिए, और यह पक्का कीजिए कि तस्वीर आपकी असली डिश को ईमानदारी से दिखाती है।
क्या मुझे अपनी AI फ़ूड फ़ोटो पर watermark लगाना होगा? नहीं। Machine-readable marking उस AI प्रदाता (provider) का दायित्व है जिसने इमेज बनाई। इमेज पब्लिश करने वाले रेस्टोरेंट का दायित्व दिखने वाला, इंसान द्वारा पढ़ा जा सकने वाला लेबल है।
अगर मैं AI का इस्तेमाल सिर्फ़ अपनी असली तस्वीरों को सुधारने के लिए करूँ तो? असली फ़ोटो की सामान्य एडिटिंग — crop, lighting, colour — उसे AI जनित सामग्री नहीं बनाती। Generative AI से प्लेट पर कुछ जोड़ना या उसे पर्याप्त रूप से बदल देना बनाती है।
हमारी वेबसाइट एक agency बनाती है। लेबल किसका काम है? दिखने वाले डिस्क्लोज़र का कर्तव्य उस पर पड़ता है जो कंटेंट को अपने व्यावसायिक संदर्भ में पब्लिश करता है — यानी सामान्यतः आपका रेस्टोरेंट, क्योंकि साइट आपकी है। व्यवहार में इसे प्रक्रिया से हल कीजिए: agency से delivery के साथ लिखवाइए कि कौन-सी फ़ाइलें AI से बनी हैं, और लेबल publishing के समय लगे। अगर agency ही आपकी साइट संभालती है, तो यह उसके workflow में डलवाइए। विस्तार मुख्य गाइड में है।
जुर्माना कितना है? AI कानून के तहत पारदर्शिता के उल्लंघन पर अधिकतम €1.5 करोड़ (15 million euro) या वैश्विक वार्षिक कारोबार का 3%, जो भी अधिक हो, तक जुर्माना लग सकता है — छोटे कारोबारों के लिए आनुपातिकता लागू करते हुए। प्रवर्तन राष्ट्रीय बाज़ार निगरानी प्राधिकरणों के ज़रिए होता है, और व्यावहारिक ट्रिगर आम तौर पर ग्राहकों या प्रतिस्पर्धियों की शिकायत होती है।
संबंधित गाइड
EU AI कानून: क्या आपको AI जनित छवियों को लेबल करना होगा?— हर तरह के कारोबार के लिए पूरी गाइड
EU AI Act: how to label AI images on your site— मूल अंग्रेज़ी गाइड
AI food photography for restaurants: the complete 2026 playbook (अंग्रेज़ी में)
How to make AI food photos look real (अंग्रेज़ी में)
AI food photography vs studio photography: cost and quality compared (अंग्रेज़ी में)
Reference image workflows: keeping brand consistency with AI (अंग्रेज़ी में)
Do menu photos increase sales? (अंग्रेज़ी में)
EU 1169/2011: restaurant allergen compliance guide (अंग्रेज़ी में)
स्रोत: Article 50, EU AI Act · European Commission FAQ on Article 50· Article 99, penalties. विनियमन का कोई आधिकारिक हिन्दी संस्करण नहीं है; पूरा पाठ EU की आधिकारिक भाषाओं में EUR-Lex पर उपलब्ध है। अंतिम समीक्षा: 7 अगस्त 2026.